समेकित विकास- e-Pithoragarh
जनपद में संचालित समस्त योजनाओं का पूर्ण विवरण
जाने पिथौरागढ़ को »उद्देश्य Back
  1. जनपद अन्तर्गत उन क्षेत्रों की पहचान करना जहाँ धनराशि का अत्यधिक अथवा बहुत कम प्रवाह हुआ |
  2. जनपद अन्तर्गत उन क्षेत्रों की पहचान करना जहाँ कार्यो/ योजनाओं का अत्यधिक अथवा बहुत कम प्रवाह हुआ है |
  3. Overlapping अर्थात दो या दो से से अधिक विभागों को एक ही कार्य योजना हेतु धन आवंटित होने से रोकना |
  4. योजना बनाने वाले अधिकारीयों को एक उत्तम एवं तैयार डाटावेस प्रदान करना जिससे की वे विभागीय लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करने योग्य क्षेत्रों,ग्रामो एवं योजनओं की पहचान कर सके |
  5. RTI [suomoto] में सहायक |
  6. DIGITAL INDIA के उद्देश्य पूर्ण करने में सहायक |

       इस संयंत्र का उद्देश्य सामान्यजन के उपयोग हेतु ऐसा पोर्टल तैयार करना है, जिसके माध्यम से सुदूर स्थित ग्राम के निवासी भी अपने गाँव/ विकास खण्ड/ जनपद में चल रहे सभी सरकारी कार्यकलापों/ विकास कार्यो के बारे में जानकारी प्राप्त कर सके, यह पोर्टल किसी एक विभाग या किसी एक योजना तक सिमित ना होकर समस्त विभागों एवं उनकी समस्त योजनाओ का विवरण प्रस्तुत करता है | यह विभिन्न विभागीय अधिकारियों/ कर्मचारियों द्वारा किसी विकास खण्ड अथवा गाँव के भ्रमण में उन्हें सारी विवरणात्मक और योजनावार जानकारीया एक ही स्थान पर उपलब्ध करता है, जिसे प्राप्त करने हेतु अब तक अनेको विभागों से अनुरोध करने पर भी वांचित सुचना ससमय प्राप्त ना होने एवं प्राप्त होने पर भी उसकी पूर्णता/ सही होने पर भी संसय रहता है| सूचना अधिकार अधिनियम के युग में digital क्रांति के अवयवों (tools) का प्रयोग करते हुये यह जनपद की सभी विकास परक योजनओं का स्वत: प्रदर्शन (SUOMOTO) करने का एक अभिनव प्रयास है |

      सरकार का धन दो प्रकार की योजनओं हेतु प्राप्त होता है | 1. ऐसी योजनाये जो सेवाये प्रदान करती है यथा आवास, पेंशन, उपकरण वितरण आदि 2. ऐसी योजनायें जो निर्माण कार्यो से सम्बंधित हैं जिनसे अवस्थापरक सुविधाओ का विकास होता है जैसे स्कूल, हॉस्पिटल, समुदायक केंद्र, आंगनबाडी भवन, पंचायत घर, सड़क, पुलिया, रास्ते, सिचाई गूल, सुरक्षा दीवार आदि| इस पोर्टल के माध्यम से इन दोनों ही प्रकार के कार्यो/ योजनाओं/ सेवाओ के व्यक्तिगत लाभार्थियों का विवरण ग्राम पंचायत में ग्रामवार एवं नगरपालिका में वार्डवार एक click पर देखा जा सकता है | यह अपने प्रकार का एक अभिनव प्रयोग है जो जनपद के विकास यात्रा को digital India के प्रयोगों के माध्यम से सम्पूर्ण भू-वन तक दर्शित करने का उद्देश्य रखता है |

      पोर्टल में दो भाग रखे गए है, प्रथम समस्त विकासखंडो के ग्रामो एवं नगरपालिकाओं/ पंचायतों के वार्डो का समस्त विवरण, जिसमे उनके गाँव, क्षेत्रफल, जनसंख्या [आकड़ो सहित] सम्मिलित तोक/ मझरो आदि दिये गये हैं, साथ ही उस क्षेत्र के जनप्रतिनिधि का नाम एवं सम्पर्क विवरण [यथा मोबाइल नंबर] भी अंकित है, को दर्शाता है | गाँव की सामान्य जानकारी ग्राम पंचायत कॉलम में अंकित नाम के आगे क्लिक करने पर, सम्बन्धित सभी विवरण यथा क्षेत्रफल, जनसंख्या, कुल परिवार, सडक से दूरी, साक्षरता, आर्थिकी के विवरण, कृषि एवं सम्बंधित विवरण आदि के सहित उस ग्राम में मौजूद आधारभूत सुवधाओं की संख्या यथा विद्यालय, आगनबाडी, पोस्ट ऑफिस, दूर संवार केंद्र आदि का विवरण भी प्राप्त कराता है | द्वितीय खण्ड सम्मिलित ग्राम पंचायतों में हुए योजनावार कार्यो के विवरण की वर्षवार जानकारी प्रदान कराता है |

  1. Using the database for supervising and judging the services provided by the Authority and deciding future plans of Allotment, growth and development.
    1. To identify presentable villages where allotment of fund is:
      • either very high
      • or very low
      • or NIL
    2. To identify whether the year-wise continuity of the fund allotment in various areas:
      • either continuous (year wise)
      • or not continuous (intermittent)
      • or NIL allotment
    3. Department wise fund allocation
      (All above available data would help in equal distribution of fund to all the areas of District)
  2. Easy to find and stop duplicity of fund allocation by various departments and affiliates
    1. With the help of customized Reports generated with this system we can easily identify the duplicity of fund allocation in same nature work to particular area of the District Pithoragarh. Viz. in present system there are chances of duplicate work allotment to one area through various department’s like Jal-Sansthan, Pay-jal Nigam, Swa-jal, Gram Panchayat/ Block, Jila Panchayat etc.
    2. Online data availability will surely help in further Planning for new fund allotment and authority will stop allocating fund which is duplicate/ repeated in nature for particular area of interest.
  3. Quick availability of information/ data of various department in a common integrated window for citizens and as well as administration.